कुमाउँनी लोकगीतों में पर्यावरण

कुमाऊँ क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध है। पर्यावरण को संस्कृति के मूलभूत अंग के रूप में जाना जाता है क्योंकि संस्कृति किसी भी समाज की आंतरिक पहचान होती है। किसी स्थान, क्षेत्र-विशेष में रहनेवाले लोगों का जीवन वहाँ के भौगोलिक प्राकृतिक उपादानों के अनुकूल होता है।

कुमाउँनी लोकगीतों में मानवीय तथा प्राकृतिक दोनों पर्यावरणों को सुरक्षित-संरक्षित करने की बात पर बल दिया गया है।

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